गायों के लिए छप्पन भोग व महिला सम्मेलन

भीलवाड़ा समाचार 
आकोला (रमेश चंद्र डाड)बीगोद निवासी अखिल भारतवर्षीय जैन दिवाकर विचार मंच (रजिस्टर्ड) नई दिल्ली की महिला शाखा की राष्ट्रीय मंत्री मेवाड़ मणी श्राविकारत्न श्रीमती मधु संचेती की अध्यक्षता में चाल्दू जैन दिवाकर गुरु कमल तीर्थ एवं श्री वृन्दावन गौशाला में राष्ट्रसंत कमल मुनि जी महाराज कमलेश की प्रेरणा से एक भव्य महिला अधिवेशन और भक्ति का अलौकिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता जैन समाज के विख्यात समाजसेवी समाज रत्न दिनेश संचेती दिनकर थे। वीरांगना कार्यक्रम की राष्ट्रीय संयोजिका व महिला मंडल अध्यक्ष आशा सांभर एवं विचार मंच की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रानी राणा के नेतृत्व में हुए इस भव्य समारोह में निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता चंद्र प्रकाश संचेती, श्री ऑल इंडिया जैन कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराना, नगर निगम भीलवाड़ा के अधिशाषी अभियंता सूर्य प्रकाश संचेती, ह्यूमन राइट्स राजस्थान प्रदेश की सचिव सरोज कावडिया, समाजसेवी ज्ञान लता संचेती भीलवाड़ा, कमल जैन गौशाला की संचालिका आभा गांधी धागड़महू, राष्ट्रीय महामंत्री अभय श्रीमाल प्रतिष्ठित कारोबारी अक्षत संचेती, तपस्वी सुश्राविका  प्रमिला सुराना बतौर विशिष्ट अतिथि अपस्थित थे। 
मुख्य वक्ता, मुख्य अतिथि दिनेश संचेती दिनकर ने इस अवसर पर महिला शक्ति में संजीवनी फूंकते हुए कहाकि जहां नारी शक्ति मिलकर साक्षात गौ माता की सेवा में जुट जाती है, वहाँ साक्षात बैकुंठ के 56 करोड़ देवी देवता खुद धरती पर उतर आते हैं । आप सभी साधारण महिलाएँ नहीं हैं बल्कि आप हमारे समाज की असली शक्ति हैं। मैं आपके इस अदभूत जज्बे को नमन करता हूंँ । महिला अधिवेशन एवं गौ माता के लिए छप्पन भोग का यह पावन आयोजन समाज व देश में सुख समृद्धि लाने का द्योतक है ,जो सभी लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बनेगा। श्री संचेती ने 18 प्रदेशों के राजकीय अतिथि राष्ट्रसंत कमल मुनि जी महाराज की गौ भक्ति एवं अनूठे व्यक्तित्व-कृतित्व को उकेरित करते हुए कहा की उनके चिंतन ने समाज को  नई दिशा प्रदान की है । गाय केवल पशु नहीं बल्कि हमारी भारतीय संस्कृति में कामधेनु और माता के समान है। गाय माता के सामने आप बेटी के रूप में हैं, अतः यह मां बेटी का संगम है। मधु संचेती सहित महिलाओं एवं अतिथियों के साथ गौ माता का पूजन कर 56 भोग खिलाते हुए दिनेश संचेती ने कहा की हमारा लक्ष्य ऐसी सेवा को देशव्यापी बनाना है। आप सबके सहयोग से एवं महिलाओं के सहयोग से ऐसे आयोजन देश के कौने कौन में आयोजित किए जाएंगे। चंद्र प्रकाश सूर्य प्रकाश संचेती ने इस घोषणा की अनुमोदना की। इस पूनित अवसर पर राजस्थान के चित्तोड़गढ़ जिले की बेगूं निवासी सरोज कावडिया, सुशीला आंचलियां के नेतृत्व में गौ माता के लिए भव्य छप्पन भोग का आयोजन किया गया। 
गौ सेवा के इस महा अभियान में संचेती परिवार ने अनुकरणीय पहल करते हुए गौ शाला में  बड़ी संख्या में उपस्थित गौ वंश के लिए बड़ी मात्रा में गुड़ का वितरण किया और गायों को हरा चारा डलवाया , जिसे उपस्थित महिला शक्ति व गौ भक्तों ने उत्साह के साथ गायों को परोसा। समारोह को समाजसेवी अभय सुराणा, आशा सांभर, रानी राणा, अभय श्रीमाल, सरोज कावडिया, शकुन्तला गोपावत, संगीता नाहर, जतनदेवी गोटा ने भी सम्बोधित किया। श्रीमती गोपावत ने परिषदा में भक्ति रस का संचार करते हुए सभी को हंसने पर विवश कर दिया। 
मंचासीन अतिथियों का नीमच के महिला मंडल की ओर से अभिनंदन किया। इसी क्रम में राष्ट्रीय मंत्री मधु संचेती ने राष्ट्रीय मंच की ओर से आशा सांभर नीमच, रानी राणा नीमच ,सरोज कावड़िया बेगूं, आभा गांधी धागड़महू, जतन देवी, सुशीला आंचलियां, संतोष चौहान , मंजू बोहरा, रेखा चौधरी, आभा वीरवाल, संगीता नाहर, शकुंतला गोपावत सहित कई महिलाओं तथा  अभय सुराणा, अभय श्रीमाल समाजसेवी डांगी आदि की विशिष्ट समाज सेवाओं के प्रति अभिनंदन किया गया। गौशाला के प्रति समर्पित विक्रम सिंह सोनग्रा व गोपाल भाटी की सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। 
इस अवसर पर मधु संचेती ने राष्ट्रसंत कमलमुनि जी महाराज के जीव दया के प्रति समर्पण की प्रशंसा की । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश व राजस्थान के विचार मंच मंडलों के प्रमुख अधिकारियों के अधिवेशन के बाद अन्य प्रदेशों में भी ऐसे आयोजन कर प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा तथा जीव दया के लिए 56 भोग, गुड़,घास सहित विभिन्न प्रकल्प अभियान के रूप में चलाए जाएंगे । सरोज कावड़िया ने अगले 56 भोग के लिए जावरा गौशाला की घोषणा की। राष्ट्रीय मंच की ओर से अध्यक्षीय उद्बोधन में मधु संचेती ,56 भोग सहयोग के प्रति सरोज कावड़िया एवं नीमच महिला मंडल की ओर से आशा सांभर व रानी राणा ने सभी अतिथियों एवं आगंतुकों का आभार अभिव्यक्त किया। संयोजन आशा सांभर ने किया।